बेंगलुरु, 5 अगस्त 2025: भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री सहित बेंगलुरु FC के पहले टीम के खिलाड़ियों और स्टाफ की सैलरी को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। इंडियन सुपर लीग (ISL) के भविष्य पर अनिश्चितता के चलते क्लब ने यह कठिन कदम उठाया। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) के बीच विवाद ने लीग को ठप कर दिया है, जिसका असर खिलाड़ियों पर पड़ा है।
ISL पर अनिश्चितता, क्लब की मजबूरी
बेंगलुरु FC ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा, “ISL के भविष्य पर अनिश्चितता के कारण हमें खिलाड़ियों और स्टाफ की सैलरी रोकनी पड़ रही है।” यह फैसला FSDL और AIFF के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (MRA) को लेकर चल रहे विवाद के बाद आया, जिसके चलते 2025-26 सीजन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। क्लब ने कहा कि यह कदम उनके लिए मजबूरी है, लेकिन युवा टीमों और फुटबॉल स्कूलों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
सुनील छेत्री ने जताई थी चिंता
40 वर्षीय सुनील छेत्री, जो हाल ही में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास वापस लेकर लौटे, ने 16 जुलाई को X पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा, “मैं छुट्टियों पर था जब मुझे ISL के स्थगन की खबर मिली। पहले मैंने इसे हल्के में लिया, लेकिन अब यह अनिश्चितकाल तक बढ़ गया है।” छेत्री ने कहा कि खिलाड़ी, स्टाफ, फिजियो, और मसाजर सभी चिंतित और डरे हुए हैं। उनकी यह पोस्ट भारतीय फुटबॉल के संकट को दर्शाती है।
AIFF की बैठक, समाधान की उम्मीद
AIFF ने 7 अगस्त को नई दिल्ली में आठ ISL क्लबों के सीईओ के साथ बैठक बुलाई है ताकि इस गतिरोध को सुलझाया जा सके। बेंगलुरु FC ने AIFF और FSDL से जल्द समाधान की अपील की है, ताकि भारतीय फुटबॉल का भविष्य सुरक्षित हो। क्लब ने कहा, “हम खिलाड़ियों और स्टाफ के साथ संपर्क में हैं। यह अनिश्चितता किसी के हित में नहीं है।”
छेत्री का योगदान और फैंस की चिंता
सुनील छेत्री ने इस ISL सीजन में 12 गोल और 2 असिस्ट के साथ शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी कप्तानी में बेंगलुरु FC ने 2018-19 में ISL खिताब जीता था। फैंस इस खबर से निराश हैं, क्योंकि छेत्री भारतीय फुटबॉल का चेहरा हैं। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे भारतीय फुटबॉल के लिए “संकट का समय” बताया। क्लब ने भरोसा दिलाया कि युवा और महिला टीमें इससे प्रभावित नहीं होंगी।
भारतीय फुटबॉल का भविष्य अधर में
यह पहली बार नहीं है जब ISL को विवादों का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश ने AIFF को FSDL के साथ नए MRA पर बातचीत रोकने को कहा, जिससे सीजन की शुरुआत रुक गई। छेत्री ने फैंस और स्टाफ से धैर्य रखने की अपील की है, लेकिन इस फैसले ने खिलाड़ियों की आजीविका पर सवाल उठाए हैं। क्या यह बैठक भारतीय फुटबॉल को नई दिशा दे पाएगी? फैंस को इंतजार है।
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