राज्यसभा में दो खेल विधेयक पास, विपक्ष ने SIR पर बहस की मांग में वॉकआउट किया

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खेल प्रशासन में सुधार, पारदर्शिता आएगी: मांडवीया

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2025: राज्यसभा ने मंगलवार को नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल पास कर दिया। खेल मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि ये विधेयक खेल प्रशासन में कानूनी गतिरोध खत्म करेंगे और समन्वय बढ़ाएंगे। लेकिन विपक्ष ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बहस की मांग में सदन से वॉकआउट कर दिया। यह घटना संसद के मानसून सत्र के दौरान हुई, जब लोकसभा पहले ही इन बिलों को पास कर चुकी थी।

विधेयकों की मुख्य बातें

नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल खेल संघों, खिलाड़ियों और सरकार के बीच समन्वय बढ़ाएगा। इसमें नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB) का प्रावधान है, जो सभी नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशंस (NSFs) को मान्यता देगा। केंद्र की फंडिंग के लिए NSB की मान्यता जरूरी होगी। मंत्री ने कहा, “खेल संघों में कानूनी विवादों से खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावित होता है। यह बिल पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगा।” नेशनल एंटी-डोपिंग बिल में वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की मांगों को शामिल किया गया है, जो नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के कामकाज को मजबूत करेगा।

विपक्ष का वॉकआउट

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने SIR पर बहस की मांग की। उन्होंने कहा, “लाखों वोट कट रहे हैं, लोकतंत्र बचाने के लिए बहस जरूरी है।” सदन के नेता जेपी नड्डा ने इसका विरोध किया और खड़गे के बयान को राजनीतिक बताकर हटाने की मांग की। सुबह की बैठक में उपसभापति हरिवंश ने 21 नोटिस खारिज किए, जिनमें SIR पर 11 सब ज्यूडिस थे। DMK के तिरुचि सिवा और TMC के डेरेक ओ ब्रायन ने टैक्सेशन बिलों की देरी से लिस्टिंग पर सवाल उठाए, जिससे सदन में हंगामा हुआ।

PT उषा का समर्थन, खेलों में सुधार की उम्मीद

IOA अध्यक्ष PT उषा ने बिल का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “यह बिल खेल प्रशासन में पारदर्शिता लाएगा। भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में है, ऐसे में अच्छी गवर्नेंस जरूरी है।” उषा ने इसे ‘एक्शन का कॉल’ बताया। मंत्री ने कहा कि पहले भी खेल कानून बनाने की कोशिश हुई, लेकिन सफल नहीं हुई। अब यह बिल भारत को मेडल टेबल में टॉप 5 में लाने में मदद करेगा।

संसद का हंगामा, सुबह सिर्फ 14 मिनट चली बैठक**

सुबह की बैठक में उपसभापति ने कहा कि SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए बहस नहीं। TMC ने टैक्सेशन बिलों की 500 क्लॉज पर देरी से सूचना पर हंगामा किया। सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। विपक्ष के वॉकआउट से बिल बिना विपक्षी भागीदारी के पास हुए। यह घटना खेल सुधारों के साथ राजनीतिक तनाव को दर्शाती है।

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