सुथार के पहले 10-विकेट हॉल से भारत को मिली 165 रनों की बड़ी जीत

मानव सुथार गेंदबाज़ी करते हुए, भारत बनाम श्रीलंका गॉल टेस्ट

पहली पारी में शतक लगाने वाले सोनल दिनुशा ने दूसरी पारी में भी किया श्रीलंका के लिए संघर्ष, हालांकि अपनी टीम को हार से नहीं बचा पाए

मैच की जरूरी जानकारी

भारत 462 और 193 ने श्रीलंका 284 और 206 (दिनुशा 84, डीसिल्वा 59, सुथार 6-55) को 165 रनों से हराया

गॉल टेस्ट के आख़िरी दिन भारत जब गेंदबाज़ी करने उतरा, तो उनकी बस दो ही उम्मीदें थीं — पहला, मौसम साफ़ रहे, और दूसरा, सोनल दिनुशा और कप्तान धनंजय डीसिल्वा की जमी हुई साझेदारी को वे जल्द से जल्द तोड़ पाएं।

146 रनों की साझेदारी ने भारत को घंटों इंतज़ार कराया

भारत की पहली उम्मीद तो पूरी हुई — रात भर हुई बारिश के बाद पांचवें दिन की सुबह धूप खिली। लेकिन चौथे दिन नाबाद 37 रन की साझेदारी कर चुके दिनुशा और डीसिल्वा ने शुरुआती घंटे में भारतीय गेंदबाज़ों को कोई मौक़ा नहीं दिया। रवींद्र जाडेजा और मोहम्मद सिराज से शुरुआत करने वाले भारत को पहली सफलता के लिए कम-से-कम 21 ओवर इंतज़ार करना पड़ा। इस बीच कुलदीप यादव और मानव सुथार ने भी गेंदबाज़ी की, लेकिन दोनों बल्लेबाज़ों के आगे किसी की नहीं चली।

एक-दो बार जाडेजा की गेंद डीसिल्वा के पैड पर लगी ज़रूर, लेकिन गेंद स्टंप की लाइन से बाहर जा रही थी। दोनों बल्लेबाज़ों ने डिफ़ेंसिव रुख़ अपनाते हुए भी ख़राब गेंद मिलने पर शॉट लगाना जारी रखा और छठे विकेट के लिए 146 रनों की साझेदारी पूरी की — दोनों ने अपना-अपना अर्धशतक भी इसी दौरान पूरा किया।

यह साझेदारी तब टूटी जब जाडेजा अपने दूसरे स्पेल के लिए आए और डीसिल्वा ने हवा में ख़राब स्वीप शॉट खेलकर स्क्वेयर लेग पर सुथार को कैच थमा दिया।

प्रसिद्ध की बाउंसर रणनीति और डिकवेला का संयम टूटना

डीसिल्वा के आउट होने के चार ओवर बाद प्रसिद्ध कृष्णा दिन में पहली बार गेंदबाज़ी पर आए और उन्होंने शॉर्ट गेंदों को अपना हथियार बनाया। पहली पारी में 80 रन बना चुके विकेटकीपर-बल्लेबाज़ निरोशन डिकवेला ने शुरुआती पांच बाउंसर गेंदें डक करके छोड़ दीं। लेकिन छठी गेंद से पहले स्क्वेयर लेग पर खड़े यशस्वी जायसवाल ने उनके साथ ज़ुबानी संघर्ष किया, और अगली ही गेंद पर डिकवेला अपना संयम खो बैठे। लेग स्टंप की शॉर्ट गेंद को जगह बनाकर ऑफ़ साइड में कट करने की कोशिश में उन्होंने बाहरी किनारा दे दिया और गेंद सीधे कीपर के हाथों में चली गई।

लंच के बाद सुथार का वह एक ओवर, जिसने मैच पलट दिया

लंच तक श्रीलंका ने सिर्फ़ दो विकेट गंवाए थे और दिनुशा एक छोर पर टिककर खेल रहे थे — ऐसा लग रहा था कि मैच तीसरे सत्र तक खिंच सकता है। लेकिन लंच के ठीक बाद सुथार ने वही कर दिखाया, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। उन्होंने एक ही ओवर में तीन विकेट झटककर सुनिश्चित कर दिया कि मैच अब तीसरे सत्र में नहीं जाएगा।

सबसे पहले उन्होंने टिककर खेल रहे दिनुशा को लेग स्लिप में फंसाया, फिर अगली ही गेंद पर प्रभात जयसूर्या क्लीन बोल्ड हुए। ओवर की आख़िरी गेंद पर अपने स्पिन और बाउंस से फंसाते हुए उन्होंने लाहिरू कुमारा को विकेट के पीछे कैच कराया। अगले ओवर में केशरा नुवंता को क्लीन बोल्ड कर सुथार ने भारत की जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।

सुथार का पहला 10-विकेट हॉल, फिर भी प्लेयर ऑफ़ द मैच पड़िक्कल

पहली पारी में चार विकेट ले चुके सुथार ने दूसरी पारी में 6-55 के आंकड़ों के साथ अपने करियर का पहला 10-विकेट हॉल पूरा किया। हालांकि, पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 44 रनों की पारी खेलने वाले देवदत्त पड़िक्कल को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।

टीम पहली पारी दूसरी पारी
भारत 462 193
श्रीलंका 284 206 (दिनुशा 84, डीसिल्वा 59, सुथार 6-55)

WTC पॉइंट्स टेबल पर असर

इस जीत के साथ भारत ने गॉल टेस्ट को 165 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया। इस नतीजे का सीधा असर WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल पर भी पड़ा है, जहां भारत की स्थिति और मज़बूत हुई है और चैंपियनशिप फ़ाइनल की उम्मीदों को नई उड़ान मिली है।

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